सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर उठाई मांगें, 10 लाख रुपये के बीमा और 700 रुपये विजिट भत्ते की मांग
बदायूं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन शहरी आशा स्वास्थ्य संघ एवं उत्तर प्रदेश आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ की जिला इकाई ने मानदेय में वृद्धि और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुधा रानी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 21 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी अहम जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें काम के अनुरूप मानदेय और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
26 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने संविदा व्यवस्था समाप्त कर आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने न्यूनतम मासिक मानदेय 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 26 हजार रुपये करने, विजिट भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने, कामकाज के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और मोबाइल रिचार्ज भत्ता देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा 10 लाख रुपये का दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर लागू कराने के लिए लगातार काम करती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू, मलेरिया और अन्य बुखार से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाने, मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने तथा गर्भवती महिलाओं को जांच और उपचार की सुविधा दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रहती है। संगठन ने कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है, ताकि वे बेहतर परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
सदर विधायक को सौंपा ज्ञापन
अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विधायक से समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर पहल करने की अपील की। विधायक ने मांग-पत्र मुख्यमंत्री तक भेजने और आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
21 अक्टूबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि संगठन लंबे समय से मानदेय में वृद्धि, राज्य कर्मचारी का दर्जा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है। आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को उनके काम के अनुरूप आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन ने मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 21 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।







