गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन ने कराई जांच
बदायूं के म्याऊं ब्लॉक के अभिगांव और सालारपुर ब्लॉक के ब्यौर स्थित गोशालाओं में गोवंशों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने स्थलीय और अभिलेखीय जांच कराई। जांच अभिगांव में सीडीओ गामिनी सिंगला और ब्यौर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर सांई आश्रित शाखमुरी की अध्यक्षता में कराई गई। प्रशासन के अनुसार, जांच रिपोर्ट में दोनों गोशालाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आई।
प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों गोशालाओं में 103 गोवंशों की मौत का मामला सामने आया है। वहीं, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में मौतों की संख्या को लेकर अलग आंकड़े भी सामने आए हैं, इसलिए खबर में प्रशासन के जांच आंकड़े को आधार बनाना उचित रहेगा।
दो ग्राम पंचायत सचिव निलंबित
जांच के बाद डीएम ने अभिगांव की ग्राम पंचायत सचिव नोसी परवीन और ब्यौर के सचिव पवन सक्सेना को निलंबित कर दिया।
प्रशासन के अनुसार, गोशालाओं की निगरानी और व्यवस्थाओं में पंचायत स्तर पर भी लापरवाही सामने आई थी।
दो पशु चिकित्साधिकारियों के निलंबन की संस्तुति
म्याऊं ब्लॉक के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर और सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
इसके अलावा तत्कालीन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह कोहली के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग को पत्र भेजा गया है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल रहीम के खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई है।
दोनों एनजीओ ब्लैकलिस्ट
अभिगांव गोशाला का संचालन शारदा सेवा समिति और ब्यौर गोशाला का संचालन जनकल्याण एवं विकास समिति कर रही थी। प्रशासन ने दोनों संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
डीएम के मुताबिक जांच में दोनों संस्थाओं की ओर से गंभीर अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की बात सामने आई है। दोनों मामलों में जांच अभी जारी है।
अभिगांव मामले में पुलिस ने गोशाला के केयरटेकर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। ब्यौर मामले में भी गोशाला संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन मामलों में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर जारी है।
बीडीओ के खिलाफ भी कार्रवाई
गोशालाओं की निगरानी में लापरवाही के मामले में म्याऊं के बीडीओ राकेश कुमार निराला और सालारपुर के बीडीओ नितिन के खिलाफ भी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई है।
अब ग्राम पंचायत के प्रशासक संभालेंगे गोशालाओं की व्यवस्था
प्रशासन ने दोनों गोशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायत के प्रशासकों को सौंपने की बात कही है। साथ ही आगे भी साप्ताहिक जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी गोशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
डीएम ने जिले के सभी गोवंश आश्रय स्थलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। जिन गोशालाओं में अभी सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां कैमरे लगाकर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार अभिगांव और ब्यौर की गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे। अब जिलेभर की गोशालाओं की नियमित और साप्ताहिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।






