लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) में सोमवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की बसपा में दोबारा वापसी का ऐलान करते हुए उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है। मायावती ने कहा कि पार्टी और आंदोलन के हित में आकाश आनंद को दोबारा काम करने का अवसर दिया जा रहा है।
आकाश आनंद की वापसी ऐसे समय हुई है, जब कुछ ही दिन पहले उन्होंने मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए दोबारा बसपा के लिए काम करने का मौका मांगा था। आकाश ने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताते हुए कहा था कि बसपा उनके लिए केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि परिवार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं।
कुछ दिन पहले पार्टी से हुए थे बाहर
दरअसल, सितंबर में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने के बाद उन्हें बसपा से बाहर कर दिया था। इसके बाद आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब मायावती के नए फैसले के बाद आकाश आनंद एक बार फिर बसपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका में लौट आए हैं। मायावती ने उनके राजनीतिक भविष्य की शुभकामना भी दी है।
माफी के बाद बदला राजनीतिक घटनाक्रम
2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने सोशल मीडिया के माध्यम से मायावती से माफी मांगी थी। उन्होंने पार्टी के सिद्धांतों और दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा भविष्य में पार्टी हितों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाने की बात कही थी। उन्होंने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती द्वारा लिए गए फैसले को भी सही बताया था।
आकाश की इस सार्वजनिक अपील के बाद उनकी बसपा में वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी और अब मायावती ने उनके पक्ष में फैसला लेते हुए उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है।
2027 से पहले संगठन के लिए अहम फैसला
आकाश आनंद की वापसी को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। बसपा इन दिनों संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर की कमेटियों और मतदाता सूची से जुड़े कामों पर भी जोर दे रही है। मायावती ने हालिया बैठकों में चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक व्यवस्था की समीक्षा की है।
अब आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद बसपा के संगठन में आगे भी बदलाव होने की संभावना पर चर्चा है। हालांकि, इन संभावित बदलावों को लेकर पार्टी की ओर से अलग-अलग स्तर पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।






