मायावती को बताया राजनीतिक गुरु और प्रेरणा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताया।
आकाश आनंद ने कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती के मार्गदर्शन में किया। उन्होंने अपने बारे में चल रही चर्चाओं पर सीधे मायावती और बहुजन समाज के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।
‘किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा’
आकाश आनंद ने दूसरे राजनीतिक दल में जाने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह न आज और न भविष्य में किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि बसपा उनके लिए केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि उनका परिवार है। उनके इस बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य और बसपा से संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं को लेकर उनकी स्थिति सामने आ गई है।
सोशल मीडिया से दूरी को लेकर मांगी माफी
आकाश आनंद ने अपनी चुप्पी पर भी सफाई दी। उनके मुताबिक, वह कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूर हो गए थे, इसलिए मायावती की एक पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया और इससे अफवाहों को जगह मिली।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी चुप्पी से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले का समर्थन
आकाश आनंद ने अपने ससुर और पूर्व बसपा नेता अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ मायावती की कार्रवाई का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने और उनके राजनीतिक संन्यास के फैसले के साथ वह खड़े हैं।
उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंधों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखने की बात कही।
पार्टी और मिशन की दोबारा सेवा का मांगा अवसर
आकाश आनंद ने मायावती से उनके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर मांगा। उन्होंने कहा कि विश्वास केवल शब्दों से नहीं, बल्कि काम और व्यवहार से बनता है और वह इसे अपने आचरण तथा मेहनत से साबित करने की बात कहते हैं।
मायावती के फैसले पर अभी नजर
आकाश आनंद की सार्वजनिक अपील के बाद अब आगे की स्थिति मायावती और बसपा के स्तर पर होने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2 अक्टूबर तक मायावती की ओर से आकाश आनंद की इस अपील पर कोई नया आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया था।







