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राज्यसभा की दौड़ में बदायूं को झटका, बीएल वर्मा का टिकट कटा; आंवला विधायक धर्मपाल सिंह को मौका

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए आठ प्रत्याशियों की घोषणा की है। सूची में मौजूदा राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा का नाम नहीं है। उनकी जगह आंवला से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा के फैसले के बाद बदायूं की राजनीति में राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

राज्यसभा चुनाव 2026 में भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा से जुड़ी खबर
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने यूपी से आठ प्रत्याशियों की घोषणा की। बीएल वर्मा को दोबारा टिकट नहीं मिला, जबकि आंवला विधायक धर्मपाल सिंह को मौका दिया गया। फोटो: फाइल फोटो / सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा होते ही बदायूं की सियासत में मायूसी का माहौल बन गया। जिले से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा को इस बार भाजपा ने दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाया है। पार्टी ने उनकी जगह आंवला से विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।

भाजपा की ओर से सोमवार को यूपी की आठ राज्यसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। इसमें धर्मपाल सिंह समेत राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं। मौजूदा राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा को सूची में जगह नहीं मिली।

बदायूं से राज्यसभा प्रतिनिधित्व पर लगा ब्रेक

बीएल वर्मा का राजनीतिक आधार बदायूं क्षेत्र से जुड़ा रहा है और उझानी समेत जिले में उनके समर्थकों की अच्छी मौजूदगी रही है। ऐसे में उनके दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने को जिले की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। स्थानीय रिपोर्टों में उनके समर्थकों के बीच निराशा की बात सामने आई है।

हालांकि भाजपा ने बीएल वर्मा को टिकट नहीं देने के पीछे कोई अलग आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए इसके पीछे किसी विशेष राजनीतिक रणनीति या भविष्य की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे कयासों को तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता।

धर्मपाल सिंह को मिला टिकट

भाजपा ने आंवला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार धर्मपाल सिंह आंवला से भाजपा विधायक हैं।

1. धर्मपाल सिंह — आंवला, बरेली क्षेत्र

धर्मपाल सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और आंवला विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और पशुधन एवं दुग्ध विकास से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें भाजपा ने राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। वह कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं और लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं।

धर्मपाल सिंह के नाम के साथ बदायूं-बरेली मंडल की राजनीति भी जुड़ी हुई है, लेकिन उनका विधानसभा क्षेत्र आंवला है। भाजपा के फैसले के बाद राज्यसभा में बदायूं से जुड़े प्रतिनिधित्व को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

2. राधाकांत ओझा — प्रतापगढ़

राधाकांत ओझा प्रतापगढ़ के रहने वाले और इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने उन्हें पहली बार राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है।

उनकी पहचान मुख्य रूप से कानूनी क्षेत्र और इलाहाबाद हाईकोर्ट की बार राजनीति से रही है। राज्यसभा टिकट के साथ उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका को अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिलने की संभावना है।

3. प्रकाश पाल — भाजपा ओबीसी मोर्चा

प्रकाश पाल वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हैं। पार्टी संगठन में पिछड़े वर्ग के बीच काम करने और संगठन के विस्तार में उनकी भूमिका रही है। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर संगठन से जुड़े चेहरे को उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।

4. विद्यासागर सोनकर — पूर्वांचल

विद्यासागर सोनकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा सांसद हैं। उनका राजनीतिक आधार पूर्वांचल, विशेषकर जौनपुर क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वह प्रदेश संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दलित समाज से आने वाले सोनकर की संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है।

5. गोपी कृष्ण पांडेय — संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता

गोपी कृष्ण पांडेय भाजपा के संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में पार्टी के संगठनात्मक काम में उनकी भूमिका रही है। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है।

6. प्रियंका सिंह रावत — बाराबंकी

प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वह 2014 में बाराबंकी से लोकसभा सदस्य चुनी गई थीं। भाजपा की नई राज्यसभा सूची में उन्हें भी जगह मिली है।

उनकी राजनीतिक पहचान बाराबंकी और अवध क्षेत्र की भाजपा राजनीति से जुड़ी रही है। वह इस सूची में शामिल दो महिला प्रत्याशियों में से एक हैं।

7. राम प्रताप सिंह चौहान — भाजपा संगठन

राम प्रताप सिंह चौहान भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। पार्टी ने उन्हें भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। उनका नाम भाजपा की घोषित आठ सदस्यीय सूची में शामिल है।

8. श्रुति गंगवार — बरेली क्षेत्र

श्रुति गंगवार बरेली क्षेत्र से जुड़ी भाजपा नेता हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और बरेली के पूर्व सांसद संतोष गंगवार की बेटी हैं। भाजपा ने उन्हें भी राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले वह विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही थीं।

आठ मौजूदा सांसदों को नहीं मिला दोबारा मौका

भाजपा की सूची में बीएल वर्मा के अलावा कई अन्य मौजूदा राज्यसभा सदस्यों को भी दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक हरदीप सिंह पुरी समेत यूपी से कार्यकाल पूरा कर रहे कई सांसद इस बार पार्टी की सूची से बाहर हैं। भाजपा ने इस चुनाव में नए चेहरों को मौका दिया है।

16 अक्टूबर को होना है मतदान

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। भाजपा ने आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से दो प्रत्याशियों के नाम पहले घोषित किए जा चुके हैं।

बीएल वर्मा को दोबारा टिकट नहीं मिलने के बाद अब बदायूं में यह चर्चा तेज है कि जिले की राजनीति में उनकी अगली भूमिका क्या होगी। हालांकि इस संबंध में भाजपा नेतृत्व की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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स्रोत: अन्य

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