बदायूं हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला गरमाया, मालवीय आवास पर जुटे परिजन; धरने की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए दी तहरीर, जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड आया की भूमिका की जांच जारी; परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एआरटीओ कार्यालय के पास स्थित बदायूं हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान मोनी देवी और उनके नवजात की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोमवार को मृतका के परिजन मालवीय आवास पर एकत्र हुए। उनके समर्थन में दर्जनों लोग भी पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
20 अक्टूबर को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
परिजनों के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को बदायूं-बिल्सी रोड पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास स्थित बदायूं हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान 30 वर्षीय मोनी देवी और उनके नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान अस्पताल का पंजीकरण नहीं होने पर उसे सील कर दिया था।
मृतका के पति सुधीर कुमार का आरोप है कि जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड आया निशा तारिक उर्फ गुड़िया ने सामान्य प्रसव कराने का भरोसा दिया था। परिजनों के अनुसार, पहले महिला को वार्ड आया के पक्का बाग स्थित घर ले जाया गया और हालत बिगड़ने पर बदायूं हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई।
अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दी तहरीर
मामले में 23 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग ने बदायूं हॉस्पिटल के संचालक संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी थी। स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था और संचालक से आवश्यक अभिलेख मांगे गए थे, लेकिन वे उपलब्ध नहीं कराए गए।
दूसरी ओर, मृतका के परिजन वार्ड आया निशा तारिक उर्फ गुड़िया की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में सभी संबंधित लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिजनों ने मांग की है कि घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाए और जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
तीन सदस्यीय कमेटी कर रही जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन, डिप्टी सीएमओ डॉ. पवन जायसी और जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शोभा अग्रवाल को शामिल किया गया था। जांच टीम को घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करनी है।
सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि जांच टीम ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर बयान देने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। वार्ड आया की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हालांकि, अभी जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मालवीय आवास पर जुटे लोग, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सोमवार को मालवीय आवास पर परिजनों के साथ समर्थन में दर्जनों लोगों ने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि एक महिला और उसके नवजात की मौत के मामले में उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने और जांच में सभी संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की।
परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।







