संपूर्ण समाधान दिवस का किया बहिष्कार
बदायूं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले चरण में शनिवार, 3 अक्टूबर को बदायूं जिले की विभिन्न तहसीलों में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया।
लेखपालों ने तहसील परिसरों में प्रदर्शन और धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संबंधित उपजिलाधिकारियों को सौंपा गया। बदायूं में यह आंदोलन संघ की लंबित मांगों के समर्थन में किया गया।
8 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की घोषणा
लेखपाल संघ ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 8 अक्टूबर से तहसील प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने और कई ऑनलाइन राजस्व कार्यों के बहिष्कार का कार्यक्रम घोषित किया है।
संघ के अनुसार इस चरण में निम्न कार्य प्रभावित हो सकते हैं:
आय प्रमाण पत्र का सत्यापन
जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन
निवास प्रमाण पत्र का सत्यापन
वरासत रिपोर्ट
फार्मर रजिस्ट्रेशन
विभिन्न ऑनलाइन सत्यापन कार्य
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी लेखपाल संघ की ओर से इसी तरह के चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है।
लेखपालों ने उठाईं आठ सूत्रीय मांगें
लेखपाल संघ के अनुसार उनकी मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, लंबित पदोन्नति सूची जारी करना और भत्तों में बढ़ोतरी सहित कई मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा नवनियुक्त लेखपालों का परीक्षा परिणाम जारी कर स्थायीकरण करने, लेखपालों को पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के अतिरिक्त कार्यों से मुक्त करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने जैसी मांगें भी आंदोलन में शामिल हैं।
अतिरिक्त कार्यभार और संसाधनों की कमी का मुद्दा
लेखपाल संघ का कहना है कि राजस्व संबंधी कार्यों के साथ उन्हें अतिरिक्त हलकों का भी काम करना पड़ रहा है। बदायूं में पहले ही 150 से अधिक अतिरिक्त हलकों का चार्ज छोड़े जाने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इससे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यभार, संसाधनों की कमी और लंबित सेवा संबंधी मांगों के कारण लेखपालों में असंतोष है।
आंदोलन आगे बढ़ा तो बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी
8 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के कारण आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के सत्यापन में देरी होने की आशंका है। इन प्रमाण पत्रों की जरूरत विद्यार्थियों, नौकरी के आवेदन करने वालों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को होती है।
हालांकि, इन सेवाओं पर वास्तविक असर कितना पड़ेगा, यह स्थानीय प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था और आंदोलन की स्थिति पर निर्भर करेगा। बदायूं में प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान को लेकर बातचीत चलने की बात पहले सामने आई थी।
24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन का कार्यक्रम
लेखपाल संघ ने चरणबद्ध आंदोलन के अगले चरण भी घोषित किए हैं। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य, 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली प्रस्तावित है।
इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर कार्य बहिष्कार और धरना तथा मांगों का समाधान न होने की स्थिति में 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है।






