15 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी संशोधित स्पीड लिमिट, नियम तोड़ने पर ऑनलाइन चालान
लखनऊ। सर्दियों में कोहरे और धुंध के कारण होने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा कम करने के निर्देश जारी किए हैं। संशोधित गति सीमा एक नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसके तहत कारों, बसों और भारी मालवाहक वाहनों के लिए अलग-अलग गति सीमा निर्धारित की गई है।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, एक से 15 नवंबर तक सात या उससे कम सीटों वाली कारों और हल्के वाहनों की अधिकतम गति दिन में 100 और रात में 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। 15 नवंबर से 15 फरवरी तक इसे घटाकर दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया जाएगा।
मध्यम एवं भारी यात्री वाहनों के लिए पहले चरण में दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। दूसरे चरण में यह सीमा दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। वहीं, ट्रक, डंपर समेत भारी मालवाहक वाहनों की गति पहले चरण में दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। दूसरे चरण में दिन में 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।
पांच एक्सप्रेसवे पर लागू होगी व्यवस्था
यह व्यवस्था लखनऊ-आगरा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू होगी। दिन का समय सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक और रात का समय रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक निर्धारित किया गया है।
ऑनलाइन चालान और सुरक्षा के विशेष इंतजाम
गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर निगरानी के लिए ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) को अपडेट करने की व्यवस्था की जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने पर ऑनलाइन चालान किया जाएगा। इसके अलावा, दृश्यता 50 मीटर से कम होने पर सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों को टोल प्लाजा और एमिनिटीज सेंटर के पास रोकने की व्यवस्था भी बताई गई है।
यूपीडा की इस पहल का उद्देश्य घने कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार नियंत्रित कर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।






