खसरे से सगे भाई-बहन की मौत
बदायूं। कादरचौक ब्लॉक कादरबाड़ी में खसरे के बीच दो सगे भाई-बहन की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार सैजान (9) की 23 सितंबर और उसकी छह वर्षीय बहन सबरीन की 29 सितंबर को मौत हुई। दोनों की बीमारी के दौरान मौजूदगी और प्रशासनिक सीमा को लेकर बदायूं-कासगंज के बीच स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया भी चली। स्वास्थ्य विभाग ने बाद में दोनों मौतों को कासगंज जिले से संबंधित माना।
11 लोगों के संक्रमित होने की जानकारी
स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार गांव में 11 लोग खसरे से प्रभावित बताए गए हैं, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं। विभागीय टीम ने प्रभावित बच्चों को दवा उपलब्ध कराने के साथ निगरानी शुरू की है। बदायूं के सीएमओ डॉ. विकास शर्मा के अनुसार टीम को गांव भेजकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
585 घरों में स्क्रीनिंग, नौ संदिग्ध मिले
स्वास्थ्य विभाग ने कादरबाड़ी, पंखिया नगला और गंगपुर पुख्ता समेत आसपास के गांवों में 585 घरों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान नौ संदिग्ध खसरा मामले मिले। इनमें से पांच बच्चों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। टीम ने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी।
बदायूं-कासगंज सीमा से जुड़ा मामला
कादरबाड़ी गांव की सीमा को लेकर प्रशासनिक स्थिति जटिल है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के आधार पते में कादरचौक, बदायूं का पता दर्ज था, जबकि बीमारी के दौरान उनके मौजूद रहने वाले स्थान को कासगंज क्षेत्र माना गया। इसी वजह से दोनों मौतों की प्रशासनिक रिपोर्टिंग को लेकर दोनों जिलों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत पड़ी।
गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी
ग्रामीणों के अनुसार करीब 14 वर्ष पहले गंगा की बाढ़ में जाटी गांव के प्रभावित होने के बाद कई परिवार यहां आकर बसे थे। रिपोर्ट में गांव में बिजली और पक्की सड़क की कमी का भी उल्लेख है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी की स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी होती है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में सर्वे, स्क्रीनिंग और संदिग्ध मरीजों की जांच कर रही हैं। आसपास के गांवों में टीकाकरण और स्वास्थ्य निगरानी पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थानीय चिकित्सा टीम को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।






