सम्मान और अपनापन नहीं मिलने से आहत पूर्व विधायक ने छोड़ी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता, सभी दायित्वों से भी दिया त्यागपत्र
बदायूं। बिसौली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने 21 अक्टूबर 2026 को जारी अपने बयान में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ संगठन में निभाए जा रहे सभी दायित्वों से त्यागपत्र देने की बात कही। कुशाग्र सागर ने अपने फैसले के पीछे 11 वर्षों की राजनीतिक यात्रा, संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के बावजूद अपेक्षित सम्मान एवं अपनापन नहीं मिलने से मन को पहुंची ठेस का जिक्र किया है।
कुशाग्र सागर ने अपने बयान में कहा कि किसी संगठन के साथ 11 वर्षों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जुड़े रहना केवल राजनीतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता होता है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक संगठन और उसके कार्यकर्ताओं की सेवा में अपनी क्षमता के अनुसार पूरा योगदान देने के बाद जब अपेक्षित सम्मान और अपनापन नहीं मिलता, तो मन को गहरी ठेस पहुंचती है। उनके मुताबिक यह पीड़ा केवल पद या प्रतिष्ठा की नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए गए सम्मान और विश्वास के टूटने की होती है।
व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद संगठन के लिए किया काम
पूर्व विधायक ने कहा कि उन्होंने पिछले 11 वर्षों में व्यक्तिगत कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भाजपा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया। पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के सहयोग के लिए अपनी क्षमता एवं सामर्थ्य के अनुसार हर संभव प्रयास किया। उन्होंने संगठन को हमेशा अपना परिवार समझा और उसकी मजबूती के लिए अपना बहुमूल्य समय, ऊर्जा और समर्पण दिया।
कुशाग्र सागर ने कहा कि भाजपा से अलग होने का फैसला उनके लिए आसान नहीं है। पार्टी में बिताए गए 11 वर्षों के दौरान अनेक यादें, अनुभव और भावनाएं उनके राजनीतिक सफर का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने पार्टी में बिताए समय, मिले अवसरों और प्राप्त अनुभवों के लिए आभार भी व्यक्त किया।
आत्मसम्मान के साथ नई शुरुआत का संदेश
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कुशाग्र सागर ने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने राजनीतिक सफर में उनका साथ दिया, उन पर विश्वास किया और स्नेह एवं सहयोग प्रदान किया। उन्होंने अपने निर्णय को 11 वर्षों के राजनीतिक सफर का भावुक पड़ाव बताते हुए कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की नई शुरुआत है।
कुशाग्र सागर के इस फैसले के बाद बिसौली क्षेत्र की राजनीति में इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने या भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर कोई घोषणा नहीं की है।






