नौ दिनों तक होगी मां के नौ स्वरूपों की पूजा, घरों में घटस्थापना के साथ भक्त करेंगे आराधना
बदायूं। मां दुर्गा की उपासना और शक्ति की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो गया। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना का विधान है। इस अवसर पर श्रद्धालु घरों में विधि-विधान से घटस्थापना कर नौ दिनों तक चलने वाली पूजा का संकल्प लेते हैं।
नवरात्र को लेकर भक्तों में विशेष आस्था रहती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। मान्यता है कि मां दुर्गा की आराधना से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और शक्ति प्राप्त होती है।
नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु पूजा स्थल की साफ-सफाई कर कलश स्थापित करते हैं और मां दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना करते हैं। नौ दिनों तक मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।
शारदीय नवरात्र का समापन महानवमी के बाद विजयादशमी के पर्व के साथ होगा। यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है।






