क्या हुआ?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम ने राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया। यह दौरा पार्टी के 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत किया गया। टीम का नेतृत्व CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने किया।
स्कूलों में किन समस्याओं का दावा किया गया?
CJP की टीम ने निरीक्षण के बाद दावा किया कि कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। टीम के अनुसार कुछ जगह स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भवन का निर्माण नहीं हुआ है।
टीम ने कुछ स्कूलों में पेयजल की कमी, अपर्याप्त या जर्जर कक्षाओं और शिक्षकों की कमी का भी मुद्दा उठाया। एक मामले में टीम ने 70 बच्चों के लिए एक शिक्षक और दो जर्जर कक्षाओं की स्थिति का उल्लेख किया।
इन दावों को CJP और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए निरीक्षण के निष्कर्ष के रूप में देखा जाना चाहिए। इनके आधार पर पूरे क्षेत्र के सभी स्कूलों की स्थिति के बारे में सामान्य निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
किन क्षेत्रों में पहुंची टीम?
रिपोर्टों के अनुसार टीम ने खेरवाड़ा क्षेत्र के डेमट, पोंगली और बाबरी समेत आदिवासी गांवों में स्कूलों का दौरा किया। टीम ने स्थानीय लोगों से भी स्कूलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
TAD फंड को लेकर क्या सवाल उठाए?
CJP ने Tribal Area Development (TAD) Fund से जुड़े करीब ₹1,500 करोड़ के कथित lapse होने पर सवाल उठाए हैं और फंड के आवंटन तथा इस्तेमाल में पारदर्शिता की मांग की है। यह ₹1,500 करोड़ का आंकड़ा CJP द्वारा उठाया गया दावा है, इसलिए इसे सरकारी रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
CJP ने क्या मांग रखी?
CJP ने खाली पड़ी स्कूल भूमि पर भवन निर्माण, स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और आदिवासी क्षेत्र विकास के लिए निर्धारित धन के प्रभावी इस्तेमाल की मांग की है।
'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान कब शुरू हुआ?
CJP के नेता अभिजीत दिपके ने 16 सितंबर 2026 को 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान की घोषणा की थी। अभियान का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेना और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को सामने लाना बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों का दौरा करने और स्थानीय समस्याओं को दर्ज करने की योजना है।
MPSC को लेकर भी CJP का अभियान
CJP ने महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को भी समर्थन दिया है। 14 सितंबर को पार्टी ने MPSC के चेयरमैन और सचिव के इस्तीफे की मांग के लिए 24 सितंबर की समयसीमा घोषित की थी। CJP ने मांग पूरी नहीं होने पर राज्यव्यापी अभियान चलाने की चेतावनी दी थी।
यह मांग MPSC परीक्षा में कथित पेपर लीक और ऑनलाइन परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध के संदर्भ में उठाई गई है।
CJP में अंदरूनी विवाद भी सामने आया
सितंबर की शुरुआत में CJP से अलग होकर CJP-Democratic (CJP-D) नाम का एक अलग गुट बनाए जाने की खबर सामने आई थी। मनीष ब्रह्मभट्ट ने यह गुट लॉन्च किया और CJP नेतृत्व पर जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने के आरोप लगाए। ये उनके आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
अभी क्या स्थिति है?
20 सितंबर को उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP का 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान राजस्थान के खेरवाड़ा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। टीम ने स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं और आगे भी आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों का दौरा करने की बात सामने आई है।




