क्या हुआ?
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और मेडिएशन एंड कंसीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 चलाया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित उपयुक्त मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारण करना है।
कब तक चलेगा अभियान?
यह अभियान 1 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आमजन और वादकारियों को मध्यस्थता के लाभों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
किन मामलों में हो सकता है निस्तारण?
अभियान के अंतर्गत उपयुक्त मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से:
वैवाहिक विवाद
दुर्घटना दावा संबंधी मामले
उपभोक्ता विवाद
संपत्ति के बंटवारे से संबंधित मामले
बेदखली से संबंधित मामले
भूमि अधिग्रहण के मामले
अन्य उपयुक्त दीवानी मामले
घरेलू हिंसा से संबंधित मामले
चेक बाउंस के मामले
शमनीय आपराधिक मामले
शामिल हैं।
बदायूं में चल रहा प्रचार-प्रसार
जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं के अध्यक्ष विवेक संगल के निर्देशानुसार अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं।
अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायाधीश एवं प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं अंकित रस्तोगी के अनुसार आमजन और वादकारियों को जागरूक करने के लिए बैनर, पोस्टर और हैंडबिल आदि प्रचार सामग्री तैयार कराई गई है।
इन सामग्रियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, बदायूं के साथ-साथ जनपद की विभिन्न तहसीलों में पराविधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से उपयुक्त स्थानों पर लगाया और वितरित किया जा रहा है।
वादकारियों से की गई अपील
प्रभारी सचिव अंकित रस्तोगी ने जनपद के आमजन और वादकारियों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता केंद्र में संदर्भित मामलों में संबंधित पक्षकार उपस्थित होकर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अपने वाद का निस्तारण करा सकते हैं।
अब तक चार मामलों में मध्यस्थता सफल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 1 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक चल रहे अभियान के दौरान मध्यस्थता केंद्र, बदायूं में अब तक 4 वादों में मध्यस्थता सफल रही है।








