यूपीआई पर एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग, व्यापारियों ने जताई नाराजगी
बदायूं। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में व्यापारियों के शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र कुमार को सौंपा।
व्यापारियों ने मांगपत्र के माध्यम से 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत एमडीआर शुल्क वापस लेने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से व्यापारी वर्ग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहा है, ऐसे में शुल्क लगाए जाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
एमडीआर शुल्क से व्यापार प्रभावित होने की जताई आशंका
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि व्यापारी पहले से विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने से व्यापार की गति प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में नकदी लेनदेन फिर बढ़ सकता है और सरकार के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से व्यापार हित में मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लगाए जा रहे एमडीआर शुल्क को वापस लेने के संबंध में आदेश पारित करने की मांग की।
‘व्यापारियों ने डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने में दिया योगदान’
प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा ने कहा कि देश के व्यापारियों ने डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। छोटे से छोटे दुकानदार ने भी यूपीआई को अपनाया है। उनका कहना था कि यदि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाया जाता है तो व्यापारी और ग्राहक दोबारा नकदी लेनदेन की ओर लौट सकते हैं।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने कहा कि व्यापार में डिजिटल लेनदेन का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे समय में एमडीआर शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज इसका विरोध जारी रखेगा।
‘डिजिटल भुगतान पर शुल्क से बढ़ सकता है कैश लेनदेन’
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने कहा कि यूपीआई लेनदेन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क व्यापार जगत को प्रभावित कर सकता है। इससे डिजिटल भुगतान के बजाय नकदी लेनदेन को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
नगर महामंत्री संजय रस्तोगी ने सरकार से डिजिटल लेनदेन को मुफ्त और सुरक्षित बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
ये व्यापारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा, दीपक वर्मा, विनय गुप्ता, नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, नगर महामंत्री संजय रस्तोगी, कुलदीप वैश्य, सुरेंद्र नानक तथा जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।







