बरेली। राज्यसभा टिकटों के ऐलान के बाद रुहेलखंड की सियासत में अचानक हलचल तेज हो गई है। आंवला से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मंगलवार शाम कश्यप ने फेसबुक पर सिर्फ दो शब्द लिखे—‘टाटा बाय-बाय’। पोस्ट सामने आते ही सवाल उठने लगा कि आखिर यह विदाई किससे है?
खास बात यह है कि यह पोस्ट भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा और उनके नामांकन के तुरंत बाद सामने आई। भाजपा ने बरेली क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। धर्मेंद्र कश्यप का नाम इस सूची में नहीं था।
दो शब्दों की पोस्ट, कई सवाल
धर्मेंद्र कश्यप की पोस्ट में न भाजपा का नाम है, न पार्टी छोड़ने की घोषणा और न ही किसी दूसरी पार्टी में जाने की बात। इसके बावजूद पोस्ट के समय और राज्यसभा टिकट के घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे भाजपा से नाराजगी का संकेत बता रहे हैं, जबकि कुछ समर्थक इसे सपा की ओर संभावित रुख से जोड़ रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सपा से संपर्क की चर्चाओं ने बढ़ाया सस्पेंस
धर्मेंद्र कश्यप को लेकर पिछले कुछ समय से सपा नेतृत्व के संपर्क में होने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। अगस्त में अखिलेश यादव से उनकी कथित मुलाकात की चर्चा हुई थी, लेकिन इस मुलाकात की दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया गया। ऐसे में ‘टाटा-बाय बाय’ पोस्ट के बाद पुरानी चर्चाएं फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।
दो बार सांसद, मंत्री और कई दलों का सफर
धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर भी इस पूरे घटनाक्रम को अहम बनाता है। वह 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद सपा में शामिल हुए और मंत्री भी रहे। 2009 में सपा के टिकट पर आंवला लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
इसके बाद 2014 में भाजपा में शामिल हुए और आंवला लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। 2019 में भी उन्होंने जीत दर्ज की। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के नीरज मौर्य ने उन्हें पराजित किया।
बेटी की सक्रियता भी चर्चा में
राजनीतिक चर्चाओं के बीच धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप की बदायूं जनपद की दातागंज विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता का भी जिक्र सामने आया है। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उनके चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भाजपा भी सक्रिय, आज होगी मुलाकात
धर्मेंद्र कश्यप की पोस्ट सामने आने के बाद भाजपा संगठन की ओर से भी संपर्क की कोशिश की जा रही है। आंवला भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें पोस्ट की जानकारी मिली है और वह आज धर्मेंद्र कश्यप से उनके आवास पर जाकर बात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्यप पार्टी में ही रहेंगे।
अब निगाह धर्मेंद्र कश्यप के अगले कदम पर
फिलहाल पूरा मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट और उसके बाद शुरू हुई राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित है। धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा छोड़ने या सपा में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन राज्यसभा टिकटों की घोषणा के तुरंत बाद आई उनकी ‘टाटा-बाय बाय’ पोस्ट ने बरेली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलकों में जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि धर्मेंद्र कश्यप अपनी इस पोस्ट का कोई स्पष्टीकरण देते हैं या आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक कदम से तस्वीर साफ होती है।







