क्या हुआ?
बदायूं में सोमवार को उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी श्रमिक संघ के तत्वावधान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। मालवीय आवास गृह पर आयोजित प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुईं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मानदेय समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग उठाई।
मानदेय बढ़ाने की मांग
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से 18 हजार रुपये मानदेय किए जाने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बजाय मानदेय में केवल 1,500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी राशि में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने की मांग की।
किसान नेता और संगठन पदाधिकारियों ने किया समर्थन
धरने में किसान नेता राजेश कुमार सक्सेना ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार द्वारा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव में की गई बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताते हुए कार्यकर्ताओं के लिए सम्मानजनक मानदेय की मांग की।
जिला अध्यक्ष मिथिलेश कुमारी ने भी कार्यकर्ताओं की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष ममता भदोरिया ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन की ओर से आगे भी आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुईं शामिल
धरने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में सुखरानी, सरिता श्रीवास्तव, आदर्श लता, कमरुल निशा, गायत्री सागर, मुमताज भारती, रामरति, सर्वेश शर्मा, कमला देवी और राजेश्वरी पाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। संगठन की ओर से मांगें पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन करने की बात कही गई है। सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और ज्ञापन पर क्या कार्रवाई की जाती है, यह आगे स्पष्ट होगा।








