बदायूं। जनपद में हुई अत्यधिक बारिश, तेज आंधी और तूफान के कारण धान एवं बाजरा की फसलों को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों के खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलें जलमग्न होकर नष्ट अथवा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।
फसल क्षति को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष एवं रिटायर्ड सूबेदार कृष्णपाल सिंह राठौर के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और प्रभावित किसान तहसील सदर पहुंचे। किसानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फसल नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
राजस्व टीम भेजकर सर्वे कराने की मांग
किसानों ने प्रशासन को बताया कि तहसील सदर सहित जिले के कई गांवों में धान और बाजरा की फसलें खेतों में पानी भरने से प्रभावित हुई हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग की टीमों को भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
किसानों ने फसल क्षति का निष्पक्ष सर्वे कराने के साथ ही वास्तविक नुकसान का ग्रामवार और किसानवार आकलन कराने की मांग रखी, ताकि पात्र प्रभावित किसानों को राहत का लाभ मिल सके।
खेती की लागत और आगामी फसल को लेकर चिंता
किसानों के मुताबिक फसल खराब होने से उनकी वर्तमान आय प्रभावित हुई है। इसके साथ ही आगामी फसल की बुआई और कृषि कार्यों के लिए भी आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती में बड़ी लागत लगाई थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
शीघ्र राहत और मुआवजे की मांग
भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक असली के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को नियमानुसार शीघ्र आर्थिक सहायता, राहत राशि और उचित मुआवजा दिया जाए। संगठन ने सर्वे प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और किसी भी प्रभावित किसान को राहत से वंचित न रखने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रभावित किसान मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि यदि जल्द सर्वे कराकर राहत और मुआवजा नहीं दिया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।






